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भगवान शंकर भक्तों की प्रार्थना से बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं

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भगवान शंकर भक्तों की प्रार्थना से बहुत जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं . इसी कारण उन्हें ' आशुतोष ' भी कहा जाता है . वैसे तो धर्मग्रंथों में भोलेनाथ की कई स्तुतियां हैं , पर श्रीरामचरितमानस का ' रुद्राष्टकम ' अपने - आप में बेजोड़ है . ' रुद्राष्टकम ' केवल गाने के लिहाज से ही नहीं , बल्कि भाव के नजरिए से भी एकदम मधुर है . यही वजह है शिव के आराधक इसे याद रखते हैं और पूजा के समय सस्वर पाठ करते हैं .   ' रुद्राष्टकम ' और इसका भावार्थ   आगे दिया गया है ... नमामीशमीशान निर्वाणरूपं   ।   विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ॥ निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं   ।   चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ 1 ॥ ( हे मोक्षरूप , विभु , व्यापक ब्रह्म , वेदस्वरूप ईशानदिशा के ईश्वर और सबके स्वामी शिवजी , मैं आपको नमस्कार करता हूं . निज स्वरूप में स्थित , भेद रहित , इच्छा रहित , चेतन , आकाश रूप शिवजी मैं आपको नमस्कार करता हूं .) निराकारमोङ्कारमूलं तुरीयं   ।   गिराज्ञ...

Aam Aadmi party with Kumar Vishwash

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अजीब बात है ना कुछ आम आदमी पार्टी मे मेंबर कुमार विश्वाश पर सवाल उठा रहे है ??? आखिर क्यों आखिर गलत क्या हो रहा है बस यही हो रहा है ना की अच्छे कार्यकर्ताओ को कुमार भैया महत्व दे रहे है जो कार्यकर्ता नाराज थे उन्हें गले लगा रहे है आम आदमी पार्टी मे कुमार विश्वाश जी का वही जगह है जैसे ब्रमांड की रचना मे भगवन विष्णु का था और कुछ लोग उन्हें गलत बोल रहे है वीडियो बना के शेयर कर रहे है क्योकि पुराने लोग वापस आ रहे है अच्छे लोग कुमार भाई की वजह से फिर से जुड़े रहे है .. सबको पता ह ै पंजाब इलेक्शन मे क्या हुआ था ऐसी हालत क्यों हो गया पार्टी का ... दिल्ली नगर निगम मे क्या क्या हुआ ... पार्टी के हेड ऑफिस जाने पर पार्टी मे नेता ऐसे मिलते है जैसे भगवन के दरसन करना हो . पार्टी के विधायक खुद AC रूम मे बैठकर जनता से मिलने का टाइम नहीं है. यही करने आये थे क्या .. कुछ लोग जो पार्टी के मुख्य कार्यालय मे बैठते है वो आने वाले कार्यकर्ता से सही से बात नहीं करते है इसे राजनीती कहते है क्या और जो इंसान सबसे छोटा कार्यकर्ता को गले लगा रहा है उसे आप गलत बोल रहे है ...... कुमार विश्वाश एक ब्रांड है आम...

आखिर प्यार क्या होता है ?

प्यार को शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता और ना ही इसकी कोई परिभाषा है। इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है। ये तो एक ऐसा खूबसूरत   एहसास है जो दो लोगो को बहुत गहराई से आपस में जोड़ता है। ये एक ऐसा बंधन है जो दो लोगों को रूह की गहराई से बांध देता है। प्यार आसानी से किसी से हो तो सकता है पर आसानी से ख़त्म नहीं हो सकता। प्यार को सिर्फ वो महसूस कर सकता है जो सच में किसी से सच्चा प्यार करता है। प्यार की कोई भाषा नहीं होती है। ये शब्दविहीन   होता है। प्यार सिर्फ दिल की आवाज सुनता है। दिल की धड़कनों को महसूस करता है।   प्यार एक समर्पण है जिसमे इंसान अपने प्यार के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाता है , प्यार एक ऐसा त्याग है जिसमे इंसान प्यार के लिए दुनिया की सारी दौलत को ठुकरा देता है , प्यार एक ऐसी तपस्या है जिसमे इंसान अपनी सारी खुशियां , अपने सारे ऐशो आराम अपने प्यार के लिए कुर्बान कर देता है। प्यार में वो शक्ति हो...