आपकी इन गलतियों से बिगड़ जाते हैं ग्रह, देते हैं अशुभ फल



सौरमंडल
सौरमंडल के सभी नौ ग्रह अपने-अपने हिसाब से व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। हमारी कुंडली में ये किस स्थिति में बैठे हैं, इनकी दशा और बैठकी कैसी है, ये इस बात को निर्धारित करती है कि ये ग्रह हमें किस तरह से प्रभावित करेंगे।
ग्रहों की बैठकी
कहने का आशय यह है कि कुंडली में इन ग्रहों की बैठकी ही यह निर्धारित करती है कि ये हमारे ऊपर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले हैं या फिर सकारात्मक।
बुरे प्रभाव
लेकिन कभी-कभार स्थिति ऐसी होती है कि ठीक-ठाक स्थिति में बैठे ग्रह भी बुरे प्रभाव डाल देते हैं तो कभी इनका प्रभाव अप्रत्याशित रूप से हमारे ऊपर नकारात्मक असर डालता है।
नियति
इसके पीछे हमारे ‘कर्म’ ही कारण बनते हैं, क्योंकि शास्त्रों की मानें तो हमारे कर्म ही हमारी नियति भी निर्धारित करते हैं, कर्मों की सहायता से मनुष्य अपनी नियति को बदलने का दम भी रखता है।
ज्योतिषशास्त्र
तो चलिए जानते हैं ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कि हमारे कर्म किस तरह ग्रहों को अत्याधिक नकारात्मक फल देने के लिए बाध्य करते हैं और कैसे हम इन से खुद को बचा सकते हैं।
सूर्य
ज्योतिष विद्या के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी का दिल दुखाता है, कष्ट देता है, किसी भी प्रकार का टैक्स चोरी करता है या फिर किसी भी जीवात्मा को ठेस पहुंचाता है तो सूर्य उसे अशुभ फल देता है।
चंद्र
चंद्रमा, स्त्री का प्रतीक है। अगर आप किसी सम्मानजनक स्त्री, जैसे दादी, नानी, अपनी माता या अन्य किसी भी स्त्री को कष्ट देते हैं तो यह निश्चित तौर पर आपके चंद्रमा को क्रोधित करता है और वह आपको अशुभ फल देने लगता है।
मंगल
अगर आप अपने भाई से झगड़ा करते हैं, भाई को धोखा देते हैं तो मंगल आपके ऊपर नकारात्मक प्रभाव डलने लगता है। अगर आप अपनी पत्नी के भाई का अपमान करेंगे तो यह भी आपके लिए सही नहीं होगा।
बुध
घर की बेटी यानि बहन, बेटी, बुआ आदि को कष्ट पहुंचाने से या फिर मौसी, साली का अपमान करने से बुध ग्रह नकारात्मक रूप से प्रभावित करने लगता है।
शुक्र
जीवनसाथी को किसी भी प्रकार का कष्ट देने वाला व्यक्ति, गंदगी में रहना या गंदे वस्त्र पहनने वाला व्यक्ति भी अशुभ फल प्राप्त करता है।
शनि
पिता के भाइयों के साथ झगड़ा करने वाले व्यक्ति को जो मेहनती लोगों का अपमान करता हो उसे शनि कभी माफ नहीं करता। इसके अलावा अपने से बड़ों को अपशब्द कहने वाला व्यक्ति, मांस,मदिरा का सेवन करने वाला व्यक्ति शनि के दंड को जरूर भुगतता है। जो लोग किराये के मकान को जबरन हथिया लेते हैं उन्हें भी शनि माफ नहीं करता।
राहु
ज्योतिष की भाषा में राहु को सांप ही माना गया है। अगर आप किसी सर्प का दिल दुखाते हैं या फिर अपने बड़े भाई को कष्ट पहुंचाने के अलावा, ननिहाल के लोगों का अपमान करते हैं तो राहु आपको नकारात्मक रूप से प्रभावित करने लगेगा।
राहु
ज्योतिष की भाषा में राहु को सांप ही माना गया है। अगर आप किसी सर्प का दिल दुखाते हैं या फिर अपने बड़े भाई को कष्ट पहुंचाने के अलावा, ननिहाल के लोगों का अपमान करते हैं तो राहु आपको नकारात्मक रूप से प्रभावित करने लगेगा।

बृहस्पति
घर के बड़े बुजुर्ग, दादा, पिता, नाना आदि को कष्ट पहुंचाने से या फिर साधु संतों का अपमान करने से बृहस्पति ग्रह अशुभ फल देता है।

केतु
अगर आप अपने भतीजे, भांजे का दिल दुखाते हैं या फिर उनका अधिकार छीनते हैं तो ऐसा करने से आपको अशुभ फल प्राप्त होता है। कुत्ते को मारने से भी केतु रुष्ट होकर नकारात्मक प्रभाव डालता है।
शांत या प्रसन्न
अगर आप अपने ग्रहों को शांत या प्रसन्न रखना चाहते हैं तो आपको इन सब बातों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

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