प्यार को शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता और ना ही इसकी कोई परिभाषा है। इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है। ये तो एक ऐसा खूबसूरत एहसास है जो दो लोगो को बहुत गहराई से आपस में जोड़ता है। ये एक ऐसा बंधन है जो दो लोगों को रूह की गहराई से बांध देता है। प्यार आसानी से किसी से हो तो सकता है पर आसानी से ख़त्म नहीं हो सकता। प्यार को सिर्फ वो महसूस कर सकता है जो सच में किसी से सच्चा प्यार करता है। प्यार की कोई भाषा नहीं होती है। ये शब्दविहीन होता है। प्यार सिर्फ दिल की आवाज सुनता है। दिल की धड़कनों को महसूस करता है। प्यार एक समर्पण है जिसमे इंसान अपने प्यार के लिए पूरी तरह समर्पित हो जाता है , प्यार एक ऐसा त्याग है जिसमे इंसान प्यार के लिए दुनिया की सारी दौलत को ठुकरा देता है , प्यार एक ऐसी तपस्या है जिसमे इंसान अपनी सारी खुशियां , अपने सारे ऐशो आराम अपने प्यार के लिए कुर्बान कर देता है। प्यार में वो शक्ति हो...
देश की राजधानी दिल्ली पिछले कुछ दिनों से धुंध की चपेट में है देश की राजधानी दिल्ली पिछले कुछ दिनों से धुंध की चपेट में है. ये धुंध इतनी है कि गैस चेंबर में तब्दील हो गई है दिल्ली. दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. ऐसे हालात में आज केंद्र सरकार दिल्ली के पड़ोसी राज्यों के साथ अहम बैठक करने जा रही है. दिल्ली के उपराज्यपाल ने भी प्रदूषण को लेकर अलग से बैठक बुलाई है. नाक और मुंह में मास्क लगाकर लोगों का विरोध प्रदर्शन प्रदूषण का स्तर सारी सीमाओं को पार कर चुका है. दिल्ली में अब सांस लेने के अधिकार की खातिर लोग सड़क पर आ गए. शनिवार को नाक और मुंह में मास्क लगाकर हाथों में तख्तियां लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. कंस्ट्रक्शन के काम पर रोक प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने फैसला लिया है कि अगले तीन दिन तक राजधानी के सभी स्कूल बंद रहेंगे. कंस्ट्रक्शन के काम पर भी अगले पांच दिनों तक रोक लगा दी गई है. इसके अलावा वहीं लोगों को ज्यादा से ज्यादा घर में रहकर ही काम करने की सलाह दी गई है. प्रदूषण का स्तर घटने की बजाय बढ़त...
जन्म कुंडली के त्रिकोण भावों में से किसी एक भाव पर पितृ कारक ग्रह सूर्य की राहु अथवा शनि के साथ युति हो तो जातक को पितृ दोष होता है। राहु और शनि कुंडली के किसी भाव में विराजमान हो तो पितृ दोष होता है। लग्न तथा चन्द्र कुंडली में नवां भाव या नवमेश अगर राहु या केतु से ग्रसित हो तो। जन्म कुंडली में लग्नेश यदि त्रिक भाव (6,8 या 12) में स्थित हो तथा राहु लग्न भाव में हो तब भी पितृदोष होता है। अष्टमेश का लग्नेश, पंचमेश अथवा नवमेश के साथ स्थान परिवर्तन योग भी पितृ दोष का निर्माण करता है। दशम भाव को भी पिता का घर माना गया है अतः दशमेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो इसका राहु से दृष्टि या योग आदि का संबंध हो तो भी पितृदोष होता है। यदि आठवें या बारहवें भाव में गुरु-राहु का योग और पंचम भाव में सूर्य-शनि या मंगल आदि कू्र ग्रहों की स्थिति हो तो पितृ दोष के कारण संतान कष्ट या संतान सुख में कमी रहती है। अगर कुंडली में पितृ कारक ग्रह सूर्य अथवा रक्त कारक ग्रह मंगल इन दोनों में से कोई भी नवम भाव में नीच का होकर बैठा हो और उस पर राहु/केतु की दृष्टि हो तो पितृ दोष का निर्माण हो जाता है। यदि कुंडली ...
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